ज़िन्दगी कदम कदम पर इम्तिहान लेती है Motivational poetry by Vipin Dilwarya

           " Motivational poetry "
 ज़िन्दगी कदम कदम पर इम्तिहान लेती है 


ज़िन्दगी कदम कदम पर इम्तिहान लेती है
इसमें  कोई  पास तो  कोई  फेल  होता  है

अच्छी बुरी परिस्थिती, दोनों में जो मुस्कुरायें
वही इन्सान अपनी ज़िन्दगी में सफ़ल होता है

सुख - दु:ख  दोनों  जीवन  के  साथी  है
पतझड  के  बाद  फिर  बहार  आती  है

तिनका तिनका चुनकर कहां कहां से लाती है
सीख पंछियों से, कैसे अपना घौंसला बनाती है

मुश्किलें हज़ार आयेगीं पर हौंसला ना तोड़
कदम बढायें चल पार होगा हर मुश्किल मोड़

टूट  जाएगा जर्रा - जर्रा  तेरे  जिस्म  का
जब  लगने  लगे  डूब  गया  मेरा  नशीब

रुकना नही  झुकना  नही बढ़ते  चले  जाना
समझ लेना उस वक्त होगी मंजिल तेरे करीब

होगें जरुर सफ़ल बदलेगा जीवन का आकार
मुकाम हसिंल होगा, होगा तेरा सपना साकार

ना दिखावा ना फालतु का शौर होना चाहिये
दुनियां में बस सफलता का शौर होना चाहिये

ना दौलत से ना शोहरत से पहचान होनी चाहिये
दुनियां में नाम की पहचान काम से होनी चाहिये

ज्यादा  ख़ुशी , ना  ज्यादा  गम  होने  चाहिये
ज़िन्दगी में बस  खुशी के दो पल होने चाहिये

लम्बी   ज़िन्दगी   को   ढोने   से   अच्छा   है
ज़िन्दगी छोटी हो मगर उसे जिया जाना चाहिये

ये दुनियां  लोगों  का मेला है, एक  बाज़ार  है
यहाँ चमकतें को सलाम, बाकी सब  बेकार है


By _ Vipin Dilwarya

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

सफर By Vipin Dilwarya ( published by Amar Ujala kavya mere alfaz )

डगमगाते कदम by Vipin Dilwarya ( Published by newspaper & Amar Ujala kavya )

"" ऐसा परिवर्तन किस काम का "" by Vipin Dilwarya ( published by Amar Ujala kavya )