Thoughtfull Shayari (1) ना था मालूम कि तू इतना बदल जाएगा,,! एक मेरे गिरने से तू इतना संभल जाएगा,,!! (2) ये कोन है जो उँचा उँचा बोल रहा है इन फिज़ाओं में ज़हर घोल रहा है (3) माना सब रिश्तें पराये होते है लेकिन भाई , भाई होते है (4) मेरे घर का जो सबसे हसीं गहना है,,! वो मेरी बहना है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,!! (5) जो रिश्तें सब से खास होते है उनमे सबसे पहले माँ-बाप होते है (6) संभालकर रखे थे जो हमनें, वो सिक्के बांट ले गये आईना तलाशते रहे हम, वो शीशे काट ले गये नावाक़िफ़ थे हम मिज़ाज-ए-फ़ितरत-ए-इंसाँ से हम रिश्तें निभाते रह गये, वो हिस्से बांट ले गये मिज़ाज-ए-फ़ितरत-ए-इंसाँ - मनुष्य के स्वभाव की अवस्था (7) वो समन्दर* से भी गहरे है,,! जिनमें कुछ अपनें भी चेहरे है,,!! (8) एक पल गम है , एक पल फ़न है तुम - तुम हो , तो हम - हम है क्या भरोसा ज़िन्दगी का , जीना है तो आज जी लो कल तो एक भ्रम है (9) महँगा कर लो ख़ुद ...