Part - 8 - Heart broken💔shayari __Ghazi Acharya

Heart broken💔shayari


(1)


बहुत कुछ गवांया है एक तेरे लिये

घर से बेघर हो गया हुँ एक तेरे लिये


अब भी खत्म नहीं हुई तेरी ख्वाहिशे

अब क्या दुनिया छोड़ दूँ एक तेरे लिये


(2)


ये तेरा इश्क़ सजिशों का हिस्सा है,,!! 

जिसमें  सिर्फ  मेरा  किस्सा  है,,,,,,!!


(3)


मेरी लकीरें अधूरी तेरे बिना है,,!

मुझे जीना फिर भी तेरे बिना है,,!!


लिक्खी है बस हिज़्र की कहानी,,

मेरी किस्मत है कि मेरा नाम हिना है,,!!


(4)


डरना मंजूर नहीं था फिर भी डरा हुआ हुँ मैं,,!

मरना मंजूर नहीं था फिर भी मरा हुआ हुँ मैं,,!!


(5)


झूँठ कहता हुँ  कि मैं मस्त हुँ

तेरे जाने से मैं अस्त व्यस्त हुँ


(6)


नज़रें तो उनकी आज भी झुक जाती है,,,!!

वो बात अलग है कि 

अदब से नहीं आज शर्म से झुक जाती है,,!!


(7)


अब तेरे बिना जीना पड़ेगा माँ

तेरे जैसा प्यार कौन करेगा माँ

सर से तेरा साया छूट गया

अब मेरे कष्टो को कौन हरेगा माँ


(8)


मोहब्बत नहीं कुछ लोग आजमाईश करते है 

वफ़ा के नाम पर जिस्मों की नुमाईश करते है


सस्ता नशा करके गुज़रती है जिसकी ताऊम्र

मुफ्त  की  मिले  तो वो भी फर्माईश करते है


(9)


नजरें झुकी है तो उसनें जरूर कुछ छुपाया होगा

बखूबी जानती है कि मैं उसकी नजरें पढ़ लेता हुँ


(10)


तेरे चेहरे  के रंग भी  खूब  है  यारा क्या बताऊं

समझ नहीं आता, मोहब्बत जाताऊं या छुपाऊं 




__गाज़ी आचार्य ' गाज़ी ' 


Comments

Popular posts from this blog

पेड़ों का दर्द ( Pain of trees ) by _ Vipin Dilwarya ( Published by newspaper )

"" ऐसा परिवर्तन किस काम का "" by Vipin Dilwarya ( published by Amar Ujala kavya )

सफर By Vipin Dilwarya ( published by Amar Ujala kavya mere alfaz )