बस इतना सा करना है __गाज़ी आचार्य 'गाज़ी '

      बस इतना सा करना है


काटने वाले काटते रहेंगे 

बीज नफरतों के बो देना


तेरा क्या  जाता है इसमें

जमा किया  जो भी  बाप ने  वो  सब खो देना


अपनी ज़िन्दगी ऐश में है

हमे  औरों  से  क्या लेना 


बस  इतना सा  करना है

बात निकल जाये जब हाथ से तो बाद में रो देना


__गाज़ी आचार्य ' गाज़ी '



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