मदर ऑफ सोल्जर by Vipin Dilwarya ( published by newspaper & Amar Ujala kavya )

   मदर ऑफ सोल्जर

   

जन्म दिया फौजी को उस मां पर हमें

अभिमान है ।

भेज दिया सपूत को देश के लिए

उस मां से बड़ा जिगर नहीं

याद ना करे सपूत को ,

ऐसा कोई वक्त नहीं ।

फौजी होता है बहादुर, 

फौजी होता है साहसी

इसमें कोई शक नहीं।

जिस मां ने उसे जन्म दिया है

क्या उसका कोई हक नहीं।

लड़ता है फौजी देश के लिए 

मिटता है फौजी देश के लिए

उस फौजी का सम्मान है।

देता है बलिदान देश के लिए

जो देशवासियों का जीवनदान है ।

जन्म दिया फौजी को उस मां पर हमें

अभिमान है ...................

उस मां पर हमें अभिमान है ।

नहीं परवाह उसे अपनी जान की

उसे परवाह है तिरंगे की शान की ।

सोचता नहीं कभी अपने बारे में

सोचता है पूरे हिन्दुस्तान की ।

सीने में उसके एक तूफान है 

दिखाएगा जो आँख दुश्मन,

दुश्मन का घर शमशान है ।

नहीं कर सकता वार दुश्मन 

हिन्दुस्तान पर , क्योंकि

हिन्दुस्तान ही फौजी का जहान है ।

जन्म दिया फौजी को उस मां पर हमें

अभिमान है ....................

उस मां पर हमें अभिमान है ।

                                                                                                                            By_ Vipin Dilwarya

Comments

  1. wah vipin bhai ..fozi is desh ki dhadkan hai

    ReplyDelete
  2. True lines fm heart of a solder.

    ReplyDelete
  3. Ma ka bahut badarol hota h
    Nice line

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

सफर By Vipin Dilwarya ( published by Amar Ujala kavya mere alfaz )

डगमगाते कदम by Vipin Dilwarya ( Published by newspaper & Amar Ujala kavya )

"" ऐसा परिवर्तन किस काम का "" by Vipin Dilwarya ( published by Amar Ujala kavya )