ये सियासत अब वो पुरानी नहीं रही ( shayari ) __विपिन दिलवरिया

 

              ये सियासत अब वो                         पुरानी नहीं रही


गलतफहमी रखते है जो, 

उन्हें बता दूँ

ये सियासत अब वो पुरानी नहीं रही


ये 21 वीं सदी का क्रन्तिकारी युग है

अब वो 20 वीं सदी वाली बात पुरानी नहीं रही


जागीर समझ बैठे है जो दिल्ली को, 

उन्हें बता दूँ 

ये दिल्ली किसी की खानदानी नहीं रही


__विपिन दिलवरिया 



Comments

  1. https://vipindilwarya.blogspot.com/2021/01/Ye-mera-hindustan-hai-by-vipindilwarya.html?showComment=1614861868770#c6608173312539355755

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