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मां की जब क़दर नहीं , तो देवी पूजन का क्या फायदा ? by Vipin Dilwarya ( published by Amar Ujala kavya )

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""  क्या फायदा  ""     मां - बाप का अनादर करे , तो ईश्वर को पूजने का क्या फायदा ? मां - बाप की सेवा ना कर सके , तो समाज सेवा करने का क्या फायदा ? मां - बाप का जीवन दुखी , तो बेटों के सुखी जीवन का क्या फायदा ? मां - बाप पैसे - पैसे को तरसे , तो बेटों के करोड़पति होने का क्या फायदा ? बाप के तन पर कपड़े फटे हुए , तो बेटों के ब्रांडेड कपड़े  पहनने का क्या फायदा ? मां की जब क़दर नहीं , तो देवी पूजन का क्या फायदा ? मां - बाप को ईश्वर के दरबार ना ले जा सके , तो बेटों की ऐसी तीर्थ यात्रा का क्या फायदा ? जीते जी दो वक्त की रोटी ना दे सके , तो मरणोपरांत बांवन गांव को रोटी खिलाने का क्या फायदा ?      🙏  मां - बाप ही ईश्वर        🙏         🙏  मां - बाप ही भगवान है ,  🙏         🙏  मां - बाप के बिना           🙏         🙏...

"" धर्म "" by Vipin Dilwarya ( published by Amar Ujala kavya )

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" धर्म " मंदिर पर बरसे , मस्जिद पर बरसे चर्च और गुरुद्वारे को भिगोएगा , धर्म के नाम पर बांटने वालों इस बादल का धर्म कौन बताएगा ?? हिन्दू मुस्लिम की प्यास बुझाए सिख ईसाई की तृष्णा मिटाए , धर्म के नाम पर बांटने वालों इस पानी का धर्म कौन बताएगा ?? मंदिरों को सजाया जाता है मजारो की शान बढ़ता है  चर्च गुरुद्वारे को महकाएगा , धर्म के नाम पर बांटने वालों इन फूलों का धर्म कौन बताएगा ?? पूरी दुनिया को रोशन करता है सृष्टि को उज्जवल करता है , धर्म के नाम पर बांटने वालों इस सूरज का धर्म कौन बताएगा ?? हिन्दू जीता है मुस्लिम भी जीता है सिख और ईसाई भी सांस लेता है , धर्म के नाम पर बांटने वालों इन हवाओं का धर्म कौन बताएगा ?? हिन्दू तुझमें विलीन हो जाता है मुस्लिम कब्र बनाकर दफनाता है , धर्म के नाम पर बांटने वालों इस मिट्टी का धर्म कौन बताएगा ?? हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई धर्म बनाया इंसान ने , गॉड खुदा ईश्वर अल्लाह  नाम दिया इंसान ने , जिसने बनाया इंसान को क्या इंसान भगवान् का धर्म बताएगा ?? मंदिर मस्जिद भी हैरान...

"" [ हूं मैं ऐसा ] "" by Vipin kumar

  "" [  हूं मैं ऐसा  ] "" शेर हूं  , जंगल ! वन में रहता हूं है शौक मुझे ! जीने का, बेडिया ना मैं सहता हूं। हूं धार्मिक ऐसा ! युद्ध से , ना मैं कतराता हूं । हूं मर्द ऐसा ! जोखिम से ,ना मैं घबराता हूं । हूं बहादुर ऐसा ! एक भी सांस ,  ना मैं व्यर्थ गंवाता हूं । हूं पुरुषार्थी ऐसा ! कर्तव्य निभाने में अडिग , ना मैं स्वयं को  दुखी होने देता हूं । हूं बलिदानी ऐसा ! बलि चढ़ने में , ना मैं मलाल आने देता हूं । हूं दानवीर ऐसा ! दान से पहले , ना मैं मन में खोट फटकने  देता हूं । हूं ऊर्जावान ऐसा ! उत्साह कायम रखने को , समय के साथ  बढ़ता हूं । हूं योगी ऐसा ! मंजिल से पहले , ना मैं मानसिकता व्याधियों  में फंसता हूं ।               https://vipindilwarya.blogspot.com By _ Vipin Kumar

"" हिमा दास की उपलब्धियां "" by Vipin Dilwarya

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  ""  हिमा दास की उपलब्धियां "" रोशन किया तूने भारत का नाम है हिमा दास तु देश की आन बान शान है । 21 दिन में तूने किया ऐसा कमाल भारत को दिलाए 6 गोल्ड मेडल गर्व करता तुझ पर पूरा हिन्दुस्तान है । देश की मीडिया कहां सो गई ना जाने कौन सी ऐसी बात है , मीडिया भले ही ना दिखाए देश की जनता हिमा तेरे साथ है । क्रिकेट जैसे खेलो पर रुपयों की होती बरसात है 6 गोल्ड जीतकर भी हिमा दास मीडिया करता नहीं तेरी बात है । नाम रोशन किया जिसने वो हिमा दास है सम्मान देने से पहले देखते उसकी जात है । होंसले बुलंद रख तेरे साथ पूरा जहान है हिमा दास तु देश की आन बान शान है । तेंदुलकर अगर क्रिकेट का भगवान है तो हिमा दास को देना है दौड़ की देवी का सम्मान है । रुकना नहीं झुकना नहीं बस दौड़ते जाना है इस दुनिया में भारत को शीर्ष पर पहुंचना है । जो आज तेरा नाम लेने से कतराते है वो इस देश में रहने वाले बेईमान है । तु दौड़ते जा इसी तरह हिमा दास तुझे बदलना इन बेईमानों का ईमान है । रोशन किया तूने भारत का नाम है हिमा दास तु देश की आन बान शान ...

" मृत्यु अटल सत्य " by Vipin Dilwarya ( published by Amar Ujala kavya )

" मृत्यु अटल सत्य " ये जीवन तेरा यूं ही गुजर जाएगा ज़िन्दगी पे ना घमंड कर ये घमंड चूर - चूर हो जाएगा । मृत्यु जीवन का अटल सत्य है सब यहीं रह जाएगा ।। जिंदगी भर जो कमाया वो दूसरो का हो जाएगा अपने लिए कुछ नहीं रह पाएगा । इससे छीनकर उससे लूटकर जिंदगी भर गांठ बनाएगा , अब भी वक्त है वक्त से संभल जा जिंदगी पल भर का खेल बन जाएगा । इस दुनिया में कोई सर्वश्रेष्ठ नहीं मृत्यु जीवन का अजर - अटल सत्य है इस पर किसी का वश नहीं । राजा हो या रंक तु एक दिन मौत के आगोश में सो जाएगा , तु क्या लाया था और क्या ले जाएगा ? दिलवारिया तो यही समझाएगा दान - पुण्य कर कुछ कर्म करले ये जीवन तेरा संवर जाएगा , मृत्यु तो निश्चित है आएगी पर तेरा व्यक्तित्व अमर हो जाएगा । मृत्यु जीवन का अटल सत्य है सब यहीं रह जाएगा ।।          https://vipindilwarya.blogspot.com            __ विपिन दिलवारिया

" भूख " by Vipin dilwarya ( published by newspaper )

" भूख " हे ईश्वर तेरा खेल निराला होता है... सबको समान बनाया तूने , कोई अमीर तो कोई गरीब क्यों होता है ? तेरा बनाया इंसान भूखा ही रहता है , कोई धन दौलत का , कोई शोहरत का तो कोई पेट का भूखा होता है । कोई छप्पन भोग खाकर सोता है , तो कोई एक वक्त की रोटी को तरसता है । ईश्वर तेरा खेल समझ नहीं आता , एक सूखी रोटी समझकर फेक देता है दूसरा भूखे पेट सो जाता है । हे ईश्वर तेरा खेल निराला होता हैं... हे ईश्वर जब तेरे दरबार में  कोई भेदभाव नहीं होता है , इंसान धरती पर जन्म लेता हैं कोई मखमल के गद्दों पर  तो कोई चटाई पर पैदा क्यों होता हैं ? किस्मत का खेल तूने क्या खूब बनाया  कोई पैदा होते ही राजकुमार बन जाता है , तो कोई पैदा होते ही फ़कीर कहलाता हैं ।   हे ईश्वर तेरा खेल निराला होता है... फेंक देते है जो सूखी रोटी समझकर काश उस रोटी की अहमियत समझ पाता , सूखी रोटी की कीमत क्या होती है , उस से पूछ जो हालात का मारा होता है । हे ईश्वर तेरा खेल निराला होता हैं...       ...

जीवन by Vipin Dilwarya ( Published by Amar Ujala kavya )

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जीवन निज जीवन के संघर्ष में दूर किया सबको अपने से , नहीं रहा ध्यान मां बाप  भाई बहन और घर परिवार का , तब मुझे समझ में आया अपनों के बिना ये जीवन किस काम का ।। कामयाबी की इस चाह में मैं सब कुछ भूल गया , सफलता की सीढ़ियां तो चढ़ता गया  पर अपनों का साथ छूट गया , जीत लिया जग-संसार मैंने पर अपना कोई साथ ना था , तब मुझे महसूस हुआ  अपनों के बिना ये जीवन किस काम का ।। मतलब से जुड़ा हर इंसान मतलब से संबंध जोड़ता गया , जब आया कठिनाई का दौर मतलबी संबंध तोड़कर मुंह मोड़ गया , जीवन के इस उतार - चढ़ाव में  ज्ञान हुआ अपने-पराए इंसान का , तब मुझे मालूम हुआ  अपनों के बिना ये जीवन किस काम का ।। 🙏अपनों का साथ कभी ना छोड़े🙏         🙏  पूरी दुनिया मुह मोड़ लेगी 🙏                🙏तब अपने ही साथ खड़े होंगे🙏                https://vipindilwarya.blogspot.com        ...