" मोहब्बत नहीं आदत है " by Vipin Dilwarya

      मोहब्बत नहीं आदत है



ये मोहब्बत कोई बुरी चीज़ नहीं
ख़ुदा की दी हुई इबादत है
और जो बदनाम करते है इस
मोहब्बत को,उन्हें मोहब्बत नहीं आदत है ,

भुलाया नहीं जा सकता
मोहब्बत के उन दीवानों को
उन्हीं से तो मोहब्बत आज भी जिंदा है ,

यूं ही नहीं देते मिसाल
लैला मजनू और हीर रांझा की
उन्होंने ही दी मोहब्बत में शहादत है ।

और एक मतला ये है कि..

ये ज़िन्दगी कितने खेल खेलती है
इसमें सुबह होती है तो शाम भी ढलती है
मोहब्बत में कहीं वफा होती है
तो कहीं बेवफाई की शमा भी जलती है

तेरी मोहब्बत कितने रूप
कितने नकाब बदलती है ,
मेरे चेहरे पर नकाब नहीं
मेरी मोहब्बत बेनकाब चलती है  ।


By _ Vipin Dilwarya

Comments

Popular posts from this blog

मोहब्बत की कहानी by Vipin Dilwarya ( published by Amar Ujala kavya )

सफर By Vipin Dilwarya ( published by Amar Ujala kavya mere alfaz )

[ अनाथ बच्ची ] एक नन्ही सी जान.. by Vipin Dilwarya ( published by Amar Ujala kavya )