दास्ताँ-ए-मोहब्बत दिलवरिया ( Shayari ) __ Vipin Dilwarya



दास्ताँ-ए-मोहब्बत दिलवरिया 



ए ख़ुदा  कमाल  तेरी ख़ुदाई 

भूलना चाहा जिसे

उसी की याद पल पल आई

क्या खूब लिखी 

दास्ताँ-ए-मोहब्बत दिलवरिया 

जोडी वहाँ बनाई 

जहाँ  लिखी  थी  बस  जुदाई


__विपिन दिलवरिया 

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