कुछ तो हुआ है ( Shayari ) __Vipin Dilwarya


कुछ तो हुआ है



लफ्ज़ो को मैनें स्याही में भीगो दिया
जज्बतों को पन्नो की गहराई में डुबो दिया

ये मौसम बरसात का तो नहीं
ये मौसम भी आज बे मौसम रो दिया

कुछ तो हुआ है
बेवजह नहीं ये हलचल इन बादलों में

लगता है आज फिर किसी सच्चे 
आशिक़ ने अपनी मोहब्बत को खो दिया



__विपिन दिलवरिया 

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