मौसम सावन बरसात का ( सावन गीत) ___विपिन दिलवरिया


 मौसम सावन बरसात का
 ( सावन गीत)



ये सुर पंछियों के  चहचहानें का
खेत खलियानों  के  लहरानें का

ये मौसम  बिजली चमकनें का
ये मौसम है  बादल गरजनें का

ये मौसम  सावन   बरसात का
ये मौसम है  भीगनें भिगानें का

चारों   और    हरियाली   छाई
बागों में   कलियाँ   खिल आई

मधुघट    फिरकी    तितलियाँ
फूलों   के    रस    में     नहाई

मिट्टी  की  वो   सौंधी   खुशबूँ
धीमें    धीमें     महकानें    का

ये  मौसम  सुनने   सुनाने  का
और  भँवरों  के  गुनगुनानें का

ये  मौसम  सावन  बरसात का
ये मौसम है  भीगनें भिगानें का

बादलों      में    नए    रंग   है
आज    उनके    नए   ढंग   है

चल   रही   ये    हवा   पुरवाई
आज       हमारें       संग     है

आषाढ़    महीना    बीत   गया
आया   सावन   गीत  गाने  का

ये मौसम दिलों को मिलाने का
और मोहब्बत खूब बरसाने का

ये मौसम  सावन  बरसात  का
ये मौसम है  भीगनें भिगानें का


___विपिन दिलवरिया 

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