उसकी आँखें बेहद खूबसूरत है ( gazal ) ( Shayari ) ___विपिन दिलवरिया

       

उसकी आँखें बेहद खूबसूरत है 



वो     मल्लिका - ए - हुस्न     है  ,  मगर
हुस्न-ओ-शबाब  का  उसनें  गुमान किया

इश्क़ के मैखानें  में पैमाईश की गुंजाईश 
नहीं , मगर  नापकर   उसनें  ज़ाम  दिया

यूं तो ऐतबार नहीं  था  उसकी  बात  का,
पर उसनें  जो  जो  कहा मैनें  मान लिया

वफ़ाओं  से उसका  कोई ताल्लुक़ ना था
उसनें  मेरी   वफ़ा  का   इम्तिहान  लिया

उसकी  आँखें  बेहद  खूबसूरत  है  मगर,
मैनें उसकी नज़रों  को भी पहचान लिया

गुनाह क़ुबूल  किये  हमनें सभी, जो नहीं
किया  उसनें  उसका  भी  इल्ज़ाम  दिया

सिला  क्या खूब  मिला तुझे "दिलवरिया"
करके   ज़ुर्म   उसनें    तेरा   नाम   लिया


___विपिन दिलवरिया 

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