"अश्क़ बहाकर समन्दर भरे है" ( Song ) by Vipin Dilwarya

           "अश्क़ बहाकर समन्दर भरे है"
                        ( Song )


ए ख़ुदा...
मोहब्बत की वो  कौन सी किताब है
जिसमे...
लिखा  हर  आशिक़  का  हिसाब  है
काश पढ़ लिया होता...
तो   सच्चा   इश्क़  ना  करता  मैं भी
मुझे क्या पता...
सच्चे इश्क़ में  बिछडनें का रिवाज़ है
:
Music:;;;;;;;;;;;;;;;;;;,,,,,,,,,,,,,,,,
:
अश्क़ बहाकर   समन्दर भरे है
तेरे  दिये   जख्म   सारे  हरे  है....

तेरे   बगैर    कैसे    जीएँ   हम
ज़िन्दा है लेकिन  कब के मरे है....

अश्क़  बहाकर  समन्दर  भरे है
ख़ुद में है  लेकिन  ख़ुद से परे है....

खौफ़   नहीं   इस  ज़िन्दगी  से
डरते नहीं लेकिन ख़ुद से डरे है....

Music :;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;,,,,,,,,,,,,

दिल का करें  क्या  तु इतना बता
मोहब्बत करी  है  या की है ख़ता.....
:
ख़ुद को संभालें  तो कैसे संभालें
तूने   है  की  मुझपें  इतनी जफ़ा..... 2


अब तक सनम  बस  दर्द  सहे है
इश्क़  में   तेरे   पल  पल  मरे  है....

अश्क़  बहाकर   समन्दर  भरे  है
ख़ुद  में  है  लेकिन  ख़ुद से परे है....

खौफ़   नहीं    इस   ज़िन्दगी  से
डरते नहीं  लेकिन  ख़ुद  से डरे है....

Music:;;;;;;;;;;;;;;;;;,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

लब पे मेरे... लफ्ज़ वही
मेरे  नहीं... वो  तेरे  सही....
:
चाहूँ मैं तुझको भुलाना मगर
तोहमत ये सर से जाती नहीं.... 2


कहकर  सनम  बस  इतना  चले है
इश्क़ करने से अब दिलवरिया डरे है....

अश्क़   बहाकर   समन्दर    भरे  है
ख़ुद में  है  लेकिन   ख़ुद  से  परे  है....

खौफ़  नहीं   इस   ज़िन्दगी  से
डरते नहीं लेकिन  ख़ुद से डरे है....
:
:
अश्क़ बहाकर समन्दर भरे है
तेरे  दिये  जख्म  सारे  हरे  है....

तेरे    बगैर   कैसे   जीएँ   हम
ज़िन्दा है लेकिन कब के मरे है....

अश्क़ बहाकर  समन्दर भरे है
ख़ुद में है लेकिन ख़ुद से परे है....

खौफ़  नहीं   इस  ज़िन्दगी  से
डरते नहीं लेकिन ख़ुद से डरे है....

Music:;;;;;;;;;;;;,,,,,,,,,,,,,



___विपिन दिलवरिया

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