ख्वाबों में मुलाक़ात हो जाये ( Shayari ) by Vipin Dilwarya



ख्वाबों में मुलाक़ात हो जाये



आज खुद से.. 
कुछ सवालात हो जाये..

चलो सो के देखतें है..
क्या पाता ख्वाबों में मुलाक़ात हो जाये..

आरज़ू तो..
फ़कत एक दीदार की है..
क्या पाता आज उनसे कुछ बात हो जाये..

वो कहते रहें..
मैं सुनता रहा बड़े इतमिनान से..
क्या पाता कब कौन सी बात खास हो जाये..



__विपिन दिलवरिया 

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